गीत-1 स्वच्छ भारत अभियान Vs पान मसाला
__________________________________ स्वच्छ भारत अभियान Vs पान मसाला _________________________________ इधर भी थुका है, उधर भी थुका है जिधर देखता हूँ, थुका ही थुका है दीवारें थुकी हैं, पलस्तर थुका है पतीली थुकी है, कनस्तर थुका है मसाले का इतना कहर हो गया है सुरख लाल पूरा शहर हो गया है इधर भी थुका है, उधर भी थुका है जिधर देखता हूँ, थुका ही थुका है सरकारी दफ्तर हमें पोतना था जैसे कि ऊसर हमें जोतना था छतों में लटकते वो जाले घने थे दिवारों पे दुनियाँ के नक्शे बने थे अजंता- एलोरा सी थी चित्रकारी जहां देखा कोना वहीं पीक मारी तभी आया बाबू जो सबसे खरा था कि बाबू के मुंह में भी गुटका भरा था वो बोला कि साहब का सम्मान रखना ये सरकारी ऑफिस है ये ध्यान रखना पुताई में ना ज्यादा चूना लगाना भले बिल में कीमत को दूना लगाना बड़ा बिल बनाना वो हम डांट लेंगे बचेगा जो, आपस में हम बाँट लेंगे हमने भी वैसे ही कूंची चलाई कहीं पे उठाई, कहीं पे लगाई मिटे दाग तक ना, कि सब पुत गया है कि बंजर भी देखो सही जुत गया है क...